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Shani Rekha or Bhagya Rekha

।। भाग्य रेखा या शनि रेखा ।।

हाथ में भाग्य रेखा का होना जातक का धन संपत्ति युक्त होना बताता है. आम हाथों में यह रहू क्षेत्र होकर शनि पर्वत तक जाती है. कभी-कभी इस का उद्गम स्थान शुक्र पर्वत अथवा चन्द्र पर्वत अथवा मणिबन्ध से भी होता है.

चलते हुए इसे जहाँ भी आदि रेखाएं अथवा कहीं भी टूटी हुई हो अथवा धीमी और अस्पस्ट हो जाये तो आयु के उस भाग में जातक को आधिक विषमताओं का सामना करना पड़ता है. कई हाथों में यह रेखा होती ही नहीं. अगर इन हाथों में सूर्य रेखा न हो तो जातक को जीवन में अत्यधिक संघर्ष करना पड़ता है.

अगर भाग्य रेखा सूर्य पर्वत तक जाए तो जातक बड़ा भाग्यशाली होता है. अगर उसका उद्गम मणिबन्ध से हो तो बचपन में ही जातक पर कबिलदारी का बोझ पड़ जाता है.

  • स्पष्ट भाग्य रेखा सीधी और लम्बी शनि पर्वत्त तक जाए तो जातक का जीवन भर भाग्य साथ देता है.
  • सूर्य पर्वत पर हो भाग्य रेखा का अंत तो जातक कला और साहित्य के क्षेत्र में मान-सम्मान प्राप्त करता है और इसको कमी का साधन बनाता है.
  • बुध के पर्वत तक जाए भाग्य रेखा सीधी तो जातक को व्यापर में सफलता मिलती है.
  • भाग्य रेखा पहले शनि पर्वत तक जाए पश्चात् वृहस्पति के पर्वत्त तक मुड जाए तो जीवन में असाधारण सफलता मिलती है.
  • भाग्य रेखा शनि पर्वत को क्रास करती हुई दूसरी अंगुली के तीसरे पर्वत के बिच तक पहुच जाए तो यह अपमानजनक म्रत्यु बताता है.
  • भाग्य रेखा, मणिबन्ध की तीसरी रेखा से शुरू होकर शनि पर्वत तक जाए तो जातक को कोई गहरी चिंता व् सदमा सताता रहता है.
  • मणिबन्ध की पहली रेखा आरम्भ होकर भाग्य रेखा शनि पर्वत्त तक जाए तो जातक पर बचपन से ही जिम्मेबरियों का बोझ संभालना पड़ता है.
  • भाग्य रेखा ज्न्जिर्दार बन कर ग्रदय रेखा को क्रास करे तो प्रेम व् रोमांस के मामले में जातक को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
  •  भाग्य रेखा लहरदार होकर शनि पर्वत तक जाए तो जातक का स्वभाव झगड़ालू होता है, उसका मन चंचल होता है । यह बात उसकी उन्नति में भी बाधाएं डालती है.
  • मणिबन्ध की पहली रेखा से शुरू होकर भाग्य रेखा अगर ह्रदय रेखा पर जाकर समाप्त हो जाए तो सारा जीवन प्रेम में गम्भीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
  • भाग्य रेखा जीवन रेखा के अन्दर से शुक्र पर्वत्त से शुरू होकर शनि पर्वत तक जाए तो जातक के परिवार पर उसका भविष्य निर्भर करता है.
  • यदि भाग्य रेखा चन्द्र पर्वत से शुरू होकर शनि पर्वत तक जाए पहली और तीसरी अंगुली लम्बी और नुकीली हो तो जातक को भविष्य में होने वाली घटना का पूर्वाभास हो जाता है.
  • अगर भाग्य रेखा जीवन रेखा से निकलकर शनि पर्वत तक जाती है तो जातक अपनी मेहनत से अपने भाग्य का निर्माण करता है परन्तु शुरू में उसके मातापिता उसमें सहायक सिद्ध होते हैं.
  • अब भाग्य रेखा उद्गम स्थान से चल कर जीवन रेखा के पास पास होकर चले तो जीवन के उस भाग तक जातक के रिश्तेदार जातक के जीवन में दखलंदाजी करते हैं.
  •  हथेली के केंद्र से निकल कर भाग्य रेखा यदि शनि पर्वत पर जाए तो व्यक्ति स्वनिर्मित होता है.
  • हथेली के केंद्र से निकलकर भाग्य रेखा मध्यमा के तीसरे पर्व के बिच तक चली जाएँ  तो जातक के लिए भाग्यहीनता का संकेत है.
  • भाग्य रेखा का उदगम चतुरकोण के बीच से हो तो मध्य आयु में जातक को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
  • भाग्य रेखा मस्तिष्क रेखा से शुरू होकर शनि पर्वत पर जाए तो 35 वर्ष की आयु के बाद भाग्योदय होता है ।
  • स्पस्ट और सीधी भाग्य रेखा ब्रहस्पति पर्वत पर जाए तो जातक को हर क्षेत्र में सफलता मिलोती है. शादी के बाद भी भाग्य बदलता है.
  • बुध पर्वत पर अंत हो भाग्य रेखा का तो जातक को व्यापार में सफलता मिलती है.
  • नीचे  की और शाखाएं आयें भाग्य रेखा से तो यह धन हानि की सूचक हैं.
  • भाग्य रेखा से निकल कर शाखाएं ऊपर की और जाएँ तो जातक धीरे-धीरे उन्नति करता है और जीवन की सभी सुख-सुविधाएँ प्राप्त करता है.
  • भाग्य रेखा से शाखाएं निकल कर ऊपर सूर्य पर्वत तक जाएँ तो व्यक्ति को धन और सफलता मिलती है.
  • भाग्य-रेखा के आरम्भ में एक बड़ा फोर्क बने जिसकी एक शाखा चन्द्र पर्वत तक जाए और फोर्क जहाँ समाप्त होता है वहाँ भाग्य रेखा टूटी हुई हो, तो जातक की पानी में डूबने से म्रत्यु हो सकती है, कोई प्रेमी अथवा प्रेमिका धोखा दे सकती है.
  • भाग्य रेखा बड़ी चतुर्भुज के बीच में टूटी हुई हो, बाद में ह्रदय रेखा से दोवारा शुरू हो तो जातक को मध्ययु में नौकरी अथवा कारोबार में संघर्ष करना पड़ता है.
  • भाग्य रेखा सर्पाकार हो और कई स्थानों पर टूटी हुई हो तो जातक अपनी गलतियों से अपना स्वास्थ्य ख़राब कर बैठता है.
  • मस्तक रेखा से निकल कर कुछ शाखाएं निचे की और जाकर भाग्य रेखा को काटे तो मुकद्दमें के कारण जातक को आर्थिक तंगी देखनी पड़ती है.
  •  ह्रदय रेखा से निकल कर कुछ शाखाएं निकलकर भाग्य रेखा को काटे तो रोमांस सम्बन्धी दुःख भरी घटनाएँ जातक के भविष्य और आर्थिक अवस्था पर बुरा प्रभाव डालती है.