Home » Blog » Chakra Vichar

Chakra Vichar

chakr vichar

चक्र विचार तथा फल 

एक चक्र वाचाल बखाने, दुई चक्र गुडगान बहु जाने.

तीन चक्र वाणिज्य धन जावे, चारि चक्र सौं दरिद्र जन जावे.

पाँच चक्र सर्वांग विलासा छठा चक्र रस-काम दुलासा. 

सात चक्र बहु सुख को साजा आठ चक्र रोगी कंजा. 

एक चक्र – जिस जातक के दौनों हाथ की अँगुलियों में, एक चक्र हो तो जातक तीव्र बुद्धि वाला, अधिक बाटें करने वाला भाषण-कला में चतुर तथा योग्य होता है.

दो चक्र – जिस जातक के हाथ की अँगुलियों में, चक्रों की संख्या दो हो तो एसा जातक सुन्दर, स्वरूपवान, स्त्रियों दो अपनी और आकर्षित करने वाला, तथा अनेकों गुणों से यूक्त विद्वान होता है.

तीन चक्र – जिस जातक के हाथ की अँगुलियों में, तीन चक्र हों तो एसा जातक न-तो विद्वान होता है, न धनि व्यापर में धन कम पैदा करता है तथा एसा जातक विशेष कामी, स्तुयों से प्यार करने वाला तथा भोगी होता है.

चर चाकिर – जिस जातक के हाथ में चर चक्र हों तो एसा जातक, धन-हीं होता है. यह जातक परिवार तथा समाज के द्वारा पदत्त दुखों, से दुखी होता है. परिवार में आए दिन क्लेश ही रहता है.

पाँच चक्र – जिस जातक के हाथ में पाँच चक्र हों तो यह जातक, भोग-विलास से प्रेम करने वाला होता है. यह जातक विद्वान होता है तथा लेखन कर्म के द्वारा जीविका कमाता है.

छः चक्र – छः चक्र वाला जातक, विद्वान होता है. यह जातक, ज्ञानवान, चतुर,काम-प्रिय तथा ललित कला से प्रेम करता है वह सुन्दरता से विशेष प्रेम किया करता है.

सात चक्र – जिस जातक के हाथ में सात चक्र होते हैं तो यह जातक अनेक गुणों से युक्त, विद्वान होता है. यह जातक प्रक्रति का उपस्क तथा सुख पूर्वक जीवन-यापन करता है.

आठ चक्र- जिस जातक के हाथ में आठ चक्र हों तो, ऐसे जातक का स्वास्थ्य हमेशा ख़राब रहता है. कोई न कोई रोग उसके शारीर में लगा रहता है और यह दुखी रहता है.

नौ चक्र – जिस जाक के हाथ में नौ चक्र हों तो एसा जातक विद्वान, यशावान, धनवान तथा अनेक प्रकार के एश्व्र्यों से संपन्न होता है.

दस चक्र – जिस जातक के हाथ में दस चक्र हों तो एसा जातक, अनेक प्रकार की साधनाएं करने वाला मंत्र शास्त्र का ज्ञाता अनेक प्रकार की सिद्धियाँ किया करता है.

Leave a Reply