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Kundali

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kalsharp yog v 12 prakar

kaal sarp dosh puja

ज्योतिषियों ने काल सर्प योग को अनिष्टकारी, भाग्य वृद्धि में अवरोधक, सांप-बिच्छु आदि से खतरा, अकाल म्रत्यु का, कारण कहा है. यह 12 प्रकार का होता है. इसलिए इसके बारह प्रकारों पर विचार करना चाहिए. 12 तरह के काल सर्प योग (दोष ): 1- अनन्त काल-सर्प- योग : राहु-केतु, लग्न से, सप्तम भाव में. 2- कुलिक काल-सर्प-योग : राहु-केतु, द्वतीय… Read More »kaal sarp dosh puja

Bhagya sambndhi prashnottar

Dhan rekha

प्रश्न 1 – सौभाग्यशाली होने का योग है या नहीं ? उत्तर – (क) आयुरेखा से रविरेखा उत्पन्न होने पर व्यक्ति सौभाग्यशाली होता है. हाथ के पर्वत भी यदि उच्च हो. (ख) मणिबंध से भाग्यरेखा निकल कर माध्यम अंगुले के दुसरे पर्वत तक जाती है तो व्यक्ति सौभाग्यशाली होता हगे. प्रश्न 2 – दैवदुर्विपाक ( दुर्भाग्य ) तो नहीं है… Read More »Dhan rekha

Jeevan Rekha

इस रेखा को आयु रेखा, पितृ रेखा गोत्र प्रगूढ रेखा भी कहते हैं, यह रेखा अंगूठे और तर्जनी के बीच से प्रारंभ होकर गोलाई बनती हुई, शुक्र क्षेत्र को घेरती हुई मणिबंध या उसके समीप तक जाती है । जीवन रेखा सुन्दर, पुष्ट और गोलाई लिए  हो तो जातक स्वस्थ दीर्घायु, एश्वर्य युक्त होता है । यह रेखा खंडित होतो… Read More »Jeevan Rekha

Mercury House

Budh Rekha

चतुर्थ पर्वत बुध पर्वत से सम्बन्ध रखता है और उसकी पहिचान बुध पर्वत और बुध की अंगुली से होती है. ऐसे जातक के गुण एवं उसकी विशेषताएं सदैव स्पस्ट होती हैं और वह एक मुंह वक्ता, बैज्ञानिक, चिकित्सक या वकील बनता है और व्यापर-व्यवसाय में भी उसे बढ़ी सफलता मिलती है. जल्दी ही बेईमानी का रास्ता चुनने वाले इस प्रकार… Read More »Budh Rekha

Gajkeshri yog

Gaj kesari yog

गजकेशरी योग : चंद्रमा से केंद्र में ( 1, 4, 7, 10 वें भाव में ) ब्रहस्पति स्थित हो तो गजकेशरी योग होता है. यदि शुक्र या बी उध नीच राशि में स्थित न होकर या अस्त न होकर चंद्रमा को सम्पूर्ण द्रष्टि से देखते हों तो प्रवाल गज केशरी योग होता है. फल : इस योग में जन्म लेने… Read More »Gaj kesari yog

Nature of Planets

Nature of planets

सूर्य के साथ शनि हो तो बल बढ़ता है. शनि के साथ मंगल हो तो मंगल अधिक बलशाली हो जाता है. मंगल के साथ गुरु, गुरु के साथ चंद्र, चंद्र के साथ शुक्र, शुक्र के साथ बुध तथा बुध के साथ चंद्र के होने पर उनका बल बढ़ता है. यही है नेचर ऑफ़ प्लैनेट्स. 1- सूर्य – सूर्य से पिता,… Read More »Nature of planets

Kiro astrology

दाहिना और बायां हाथ दाहिने और बाएं हाथ के अंतर को समझना भी हस्त परीक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है । जो भी देखेगा वह विस्मय करेगा की एक ही व्यक्ति के दोनों हाथ एक-दूसरे से बिल्कुल विभिन्न होते हैं । यह भिन्नता अधिकतर रेखाओं के रूपों, उनकी स्थितियों तथा चिन्हों में होती है । हमने ओ नियम अपनाया है उसके… Read More »Kiro astrology