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Jyotish

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Navgrah

Kundali details online2

कुंडली की सम्पूर्ण जानकारी के लिए आपको इस पोस्ट को भी पढना होगा जिससे आपको Kundali details online की सम्पूर्ण जानकारी हो सके. सुप्त गृह : जिस घर में कोई गृह बैठा हुआ हो, उसके सामने वाले घर में कोई गृह न हो तो वह सुप्त गृह कहलाता है. उदाहरण : पहले घर में यदि ब्रहस्पति बैठा हो और उसके… Read More »Kundali details online2

kalsharp yog v 12 prakar

kaal sarp dosh puja

ज्योतिषियों ने काल सर्प योग को अनिष्टकारी, भाग्य वृद्धि में अवरोधक, सांप-बिच्छु आदि से खतरा, अकाल म्रत्यु का, कारण कहा है. यह 12 प्रकार का होता है. इसलिए इसके बारह प्रकारों पर विचार करना चाहिए. 12 तरह के काल सर्प योग (दोष ): 1- अनन्त काल-सर्प- योग : राहु-केतु, लग्न से, सप्तम भाव में. 2- कुलिक काल-सर्प-योग : राहु-केतु, द्वतीय… Read More »kaal sarp dosh puja

woman's body marks

Stri ang ka vishesh fal

1- चिबुक ( ठोडी ) – (क) रोम-युक्त (बालों वाली )स्त्री, दुराचारिणी होती है. (ख) दो, अंगुल की सुन्दर बंसल चुबुक (ठोड़ी ) वाली स्त्री, सौभाग्यशाली होती है, 2- नाक (Nose)- (क) कपटी व् लम्बी नाक वाली स्त्री विधवा होती है. (ख) छोटी नाक वाली स्त्री धनी व् मजबूत स्वभाव की होती है. (ग) नाक का अगला भाग लम्बाई लिए… Read More »Stri ang ka vishesh fal

Bhagya sambndhi prashnottar

Dhan rekha

प्रश्न 1 – सौभाग्यशाली होने का योग है या नहीं ? उत्तर – (क) आयुरेखा से रविरेखा उत्पन्न होने पर व्यक्ति सौभाग्यशाली होता है. हाथ के पर्वत भी यदि उच्च हो. (ख) मणिबंध से भाग्यरेखा निकल कर माध्यम अंगुले के दुसरे पर्वत तक जाती है तो व्यक्ति सौभाग्यशाली होता हगे. प्रश्न 2 – दैवदुर्विपाक ( दुर्भाग्य ) तो नहीं है… Read More »Dhan rekha

jivan sambandhi prashnottar

Vidhya rekha

प्रश्न 1 – शारीरिक और मानसिक शांति रहेगी या नहीं ? उत्तर – यदि करतल तमाम रेखाओं से भरा हुआ होता है तो ऐसे व्यक्ति को प्रायः शारीरिक और मानसिक अशांति रहती है. यह लक्षण न होने पर शारीरिक और मानसिक शांति रहती है. प्रश्न 2 -क्या शारीरिक पीड़ा रहेगी ही ? उत्तर – यदि व्यक्ति के हाथ में आयुरेखा… Read More »Vidhya rekha

chakr vichar

Chakra Vichar in fingertips

चक्र विचार तथा फल :- एक चक्र वाचाल बखाने, दुई चक्र गुडगान बहु जाने. तीन चक्र वाणिज्य धन जावे, चारि चक्र सौं दरिद्र जन जावे. पाँच चक्र सर्वांग विलासा छठा चक्र रस-काम दुलासा.  सात चक्र बहु सुख को साजा आठ चक्र रोगी कंजा.  एक चक्र – जिस जातक के दौनों हाथ की अँगुलियों में, एक चक्र हो तो जातक तीव्र बुद्धि… Read More »Chakra Vichar in fingertips

Grah vichar

Navgrah Vichar

जब कोई गृह अशुभ होता है तब उसके फल के संकेत तथा लक्षण जातक के जीवन में पाए जाते हैं, इन लक्षणों के अध्ययन से फ़िलहाल कौन गृह अशुभ फल दे रहा है, इसकी जानकारी प्राप्त होती है तो ऐसे अशुभ गृह के कुप्रभाव से बचने के लिए कौन-सा उपाय कारगर हो सकता है इसकी जानकारी यहाँ दी जा रही… Read More »Navgrah Vichar

Dreams

Dream

अ, आ 

अंक देखना –

शुभ एवं विजय का प्रतीक ,

अंकों से बनी संख्या देखना –

भाग्य विधायक प्रतीक ,

आँगन देखना (अपने घर का ) –

अशुभ सूचक ,

आँगन ( दुसरे के घर का ) –

शुभ सूचक,

अंगभंग देखना ( स्वयं का )

शीघ्र ही अनुकूल एवं शुभ समाचार प्राप्ति ,

अंगभंग देखना ( दूसरों का )

दुर्घटना का सूचक ,

अंगूठी देखना

शीघ्र ही सगाई या शादी ,

अंधकूप देखना –

अधिक घटा, पराजय या परेशानी ,

अँधा देखना –

कष्टप्रद स्थिति ,

अँधा देखना ( स्वयं को )

विशेष शुभ ,

अनाथालय देखना –

स्थानान्तरण, आर्थिक हनी या धोखा ,

अन्न देखना –

शीघ्र ही शुभ समाचार मिलना ,

अपमान देखना –

मुकद्दमे में विजय, पुराणी अदावत मिटे ,

अष्टभुज देखना ( दुर्गा माता देखना )

शीघ्र ही भोगोलिक क्र्त्यसम्पन्न ,

अस्त्र-शस्त्र देखना

परेशानी दूर होगी ,

आश्रम देखना

जीवन में स्थिरता का संकेत ,

अनजान औरत से प्रेम करना देखना –

विवाह होगा ,

अनजान औरत को दूर जाते देखना –

आशाएं पूर्ण होंगी ,

अविवाहित लड़की को घर पर देखना –

विवाह का सूचक ,

अनजान औरत के साथ मैथुन करते देखना –

रोग का सूचक ,

अनजान लड़की का चुम्बन लेना देखना

धनि होने का सूचक ,

अनजान औरत से प्रेम लेना –

गरीबी का लक्षण , कर्ज ,

अनजान औरत के हाथ देखना ( एक हाथ केवल ) –

शांति ,

अनजान औरत के हाथ देखना – ( अनेक हाथ )

अशांति ,

अनजान पुरुष के साथ युद्ध देखना –

झगड़ा, विवाद ,

अदालत देखना –

शुभ , सम्रद्धि ,

अग्नि देखना –

अशुभ , म्र्त्युदायक कष्ट ,

अग्नि देखन ( स्वयं का घर जलना )

रोग वृद्धि अथवा ऋण वृद्धि ,

अग्निशाला या पकता भोजन देखन –

रोग मुक्ति अथवा ऋण मुक्ति ,

अजगर देखना –

विवाह

अजगर मारना देखना –

शत्रु पर विजय चिंता-मुक्ति

अन्धलोक देखना

विपत्ति में पड़ने का सूचक ,

अंगुली देखना ( फांक-फांक )

गरीबी का सूचक ,

अशोक वृक्ष

हठात शोक ,

अस्पष्ट देवी-देवता देखना

उन्नति की आशा ,

आघात या प्रचुर रक्त बहना –

अधिक धन लाभ .

अंगूठी खरीदना –

शांति,

अंगूठी पर मीणा करते देखना –

संतान लाभ,

अंगूठी हाथ में लेकर देखना –

मान-सम्मान में ब्रद्धि ,

आम देखना

सिद्धि लाभ ,

अनार देखन

साधन लाभ या उन्नति ,

आम देखना ( गिरा हुआ )

सपूत सन्तान की प्राप्ति ,

आम का पेड़ देखना

विवाद

अंगूठी बेचना या टूटना

स्त्री कष्ट, अशांति,

आलू देखना

बदनामी,

आलू पेड़ में देखना

दुःख, कष्ट,

आशा पूर्ण होना

सम्मान में हनी ,

आशा अपूर्ण होना

प्राप्ति योग,

अमीर बनते देखना

लाभ,

आकाश बादलों से घिरा देखना

रोजगार में ब्रद्धि,

आकाश काटना

वर्षा व् फसल में उन्नति ,

अपने मृत को जीवित देखना

दुःख ,

अपनी देह को ब्रहना देखना

मानसिक शांति,

अपनी देह को कीड़ों से भरे देखना

विख्यात होने का सूचक ,

अपनी म्रत्यु देखना

पीड़ा,

अपने को भूखा देखना

सन्तान हानि ,

अपने को पानी में डूबता देखना

मुकद्दमा होगा,

अपने मुहं में सूर्य की आभा देखना

प्रचुर धन प्राप्ति ,

अपने बाल कटे देखना

आर्थिक कष्ट ,

अपने बाल अपने ही आप काटना देखना

ऋण मुक्ति ,

अपना शारीर दो भागों में देखना – पुत्र या दोस्त की प्राप्ति ,

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Jeevan Rekha

इस रेखा को आयु रेखा, पितृ रेखा गोत्र प्रगूढ रेखा भी कहते हैं, यह रेखा अंगूठे और तर्जनी के बीच से प्रारंभ होकर गोलाई बनती हुई, शुक्र क्षेत्र को घेरती हुई मणिबंध या उसके समीप तक जाती है । जीवन रेखा सुन्दर, पुष्ट और गोलाई लिए  हो तो जातक स्वस्थ दीर्घायु, एश्वर्य युक्त होता है । यह रेखा खंडित होतो… Read More »Jeevan Rekha

Mercury House

Budh Rekha

चतुर्थ पर्वत बुध पर्वत से सम्बन्ध रखता है और उसकी पहिचान बुध पर्वत और बुध की अंगुली से होती है. ऐसे जातक के गुण एवं उसकी विशेषताएं सदैव स्पस्ट होती हैं और वह एक मुंह वक्ता, बैज्ञानिक, चिकित्सक या वकील बनता है और व्यापर-व्यवसाय में भी उसे बढ़ी सफलता मिलती है. जल्दी ही बेईमानी का रास्ता चुनने वाले इस प्रकार… Read More »Budh Rekha