Home » Grah

Grah

grah dosh, grahon ke upay, grahon ki uti, garahon ka kundali mai vichar etc.

Rahu pain remedies

राहू पीड़ा के उपाय (Rahu pain remedies)

Rahu pain remedies:-If Rahu is in an inauspicious position in the birth, then to avoid it, taking a bath mixed with the perfume of musk, turpentine, rajdantbhasma, frankincense and sandalwood gives peace from the pain of Rahu. For this special care should be taken of Nakshatra, Yoga, day, direction and time.Rahu’s donationFor the relief of Rahu’s pain, the person should… Read More »राहू पीड़ा के उपाय (Rahu pain remedies)

Navgrah

Kundali details online2

कुंडली की सम्पूर्ण जानकारी के लिए आपको इस पोस्ट को भी पढना होगा जिससे आपको Kundali details online की सम्पूर्ण जानकारी हो सके. सुप्त गृह : जिस घर में कोई गृह बैठा हुआ हो, उसके सामने वाले घर में कोई गृह न हो तो वह सुप्त गृह कहलाता है. उदाहरण : पहले घर में यदि ब्रहस्पति बैठा हो और उसके… Read More »Kundali details online2

shani ke upay

Shani ko kaise majboot karen

जन्म कुण्डली में शनि हो, तो व्यक्ति को धुल से उठा कर आकाश की ऊंचाई तक पहुचाने में समर्थ होता है, परन्तु शनि का अशुभ प्रभाव सम्राट तूतुल्य सफल व्यक्तिको धुल-धूसरित क्र देता है. उसे विपन्नता के कैसे अंधकार में विलीन कर देता है जहाँ प्रकाश की कोई किरण नहीं पहुच पाती. यदि आशा का कोई दीप प्रज्ज्वलित हो भी… Read More »Shani ko kaise majboot karen

jobs upay

Jobs business continuity

यदि नौकरी ना मिल रही हो, व्यापार ना चल रहा हो तो करें ये उपाय … यदि नौकरी ना मिल रही हो तो व्यक्ति को प्रत्येक बुद्धवार को एक देशी पान का पत्ता, 5 टुकड़े सफ़ेद फिटकरी के, एक जोड़ा लॉन्ग का, सिंदूर , थोडा सा गंगा जल यह सभी सामान लें. प्रक्रिया :- किसी भी बुद्धवार को पान के… Read More »Jobs business continuity

Grah vichar

Navgrah Vichar

जब कोई गृह अशुभ होता है तब उसके फल के संकेत तथा लक्षण जातक के जीवन में पाए जाते हैं, इन लक्षणों के अध्ययन से फ़िलहाल कौन गृह अशुभ फल दे रहा है, इसकी जानकारी प्राप्त होती है तो ऐसे अशुभ गृह के कुप्रभाव से बचने के लिए कौन-सा उपाय कारगर हो सकता है इसकी जानकारी यहाँ दी जा रही… Read More »Navgrah Vichar

Jeevan Rekha

इस रेखा को आयु रेखा, पितृ रेखा गोत्र प्रगूढ रेखा भी कहते हैं, यह रेखा अंगूठे और तर्जनी के बीच से प्रारंभ होकर गोलाई बनती हुई, शुक्र क्षेत्र को घेरती हुई मणिबंध या उसके समीप तक जाती है । जीवन रेखा सुन्दर, पुष्ट और गोलाई लिए  हो तो जातक स्वस्थ दीर्घायु, एश्वर्य युक्त होता है । यह रेखा खंडित होतो… Read More »Jeevan Rekha

chandra grah

Chandr Grah Vichar

” चन्द्र पर्वत ” ” चन्द्र विचार “ छठा पर्वत चंद्रमा का माना जाता है. यह नाम इसलिए  दिया गया है, क्योकि हाथ के जिस भाग से उसकी पहिचान होती है, क्योंकि हाथ के जिस भाग से उसकी पहचान होती है, उस भाग को चन्द्र पर्वत कहा जाता है. अलग-अलग या संयुक्त चिन्ह, नक्षत्र, त्रिकोण, व्रत, एक मात्र उठती हुई… Read More »Chandr Grah Vichar

Mercury House

Budh Rekha

चतुर्थ पर्वत बुध पर्वत से सम्बन्ध रखता है और उसकी पहिचान बुध पर्वत और बुध की अंगुली से होती है. ऐसे जातक के गुण एवं उसकी विशेषताएं सदैव स्पस्ट होती हैं और वह एक मुंह वक्ता, बैज्ञानिक, चिकित्सक या वकील बनता है और व्यापर-व्यवसाय में भी उसे बढ़ी सफलता मिलती है. जल्दी ही बेईमानी का रास्ता चुनने वाले इस प्रकार… Read More »Budh Rekha

Gajkeshri yog

Gaj kesari yog

गजकेशरी योग : चंद्रमा से केंद्र में ( 1, 4, 7, 10 वें भाव में ) ब्रहस्पति स्थित हो तो गजकेशरी योग होता है. यदि शुक्र या बी उध नीच राशि में स्थित न होकर या अस्त न होकर चंद्रमा को सम्पूर्ण द्रष्टि से देखते हों तो प्रवाल गज केशरी योग होता है. फल : इस योग में जन्म लेने… Read More »Gaj kesari yog

Nature of Planets

Nature of planets

सूर्य के साथ शनि हो तो बल बढ़ता है. शनि के साथ मंगल हो तो मंगल अधिक बलशाली हो जाता है. मंगल के साथ गुरु, गुरु के साथ चंद्र, चंद्र के साथ शुक्र, शुक्र के साथ बुध तथा बुध के साथ चंद्र के होने पर उनका बल बढ़ता है. यही है नेचर ऑफ़ प्लैनेट्स. 1- सूर्य – सूर्य से पिता,… Read More »Nature of planets