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Bhagya Rekha

Bhagya rekha
  1. भाग्य रेखा के केंद्र में क्रास का चिन्ह हो तो जातक के जीवन में कोई बड़ा परिवर्तन आता है जो उसके लिए अच्छा साबित नहीं होता ।
  2. भाग्य रेखा को शनि पर्वत पर कुछ छोटी-छोटी आदि रेखाएं सिदिनुमा होकर काटें तो जातक के जीवन में एक के बिच एक करके कई उतर चढाव आटे हैं जो अवनति के घोतक होते है ।
  3. भाग्य रेखा पर शनि पर्वत पर ताता हो, इसकेसाथ ही चन्द्र पर्वत पर भी एक तारा हो तो जातक आत्महत्या करने की सोचता है ।
  4. भाग्य रेखा पर शनि पर्वत पर तारे का चिन्ह हो, और बुध पर्वत पर जाली का निशान हो तो जातक पर घटक हमले के कारण म्रत्यु होती है ।
  5. भाग्य रेखा के अंत में तारे का चिन्ह हो, साथ में सूर्य रेखा के अंत में तारे का चिन्ह हो तो जातक को अधरंग / कालवा हो सकता है।
  6. भाग्य रेखा के आरम्भ में एक द्वीप हो तो जातक का जन्म रहस्यमय होता है, इसके साथ ही अगर भाग्य रेखा कमजोर हो तो जातक अवैध बच्चा होगा ।
  7. भाग्य रेखा पर आरम्भ में ही एक तारा हो तो जातक के माता-पिता को आरम्भ में ही कोई बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है । इसके साथ ही शुक्र पर्वत पर एक तारा हो तो माता-पिता में से एक की म्रत्यु भी हो जाती है ।
  8. शुक्र पर्वत और ह्रदय रेखा के बिच द्वीप का चिन्ह हो जिसके सिरे पर फोर्क बनता हो, तो जातक का पत्नी से तलाक होता है ।
  9. भाग्य रेखा बिच में वर्ग बना हुआ है तो यह किसी बड़ी हनी अथवा भयानक घटना से जातक को बचाता है ।
  10. भाग्य रेखा मध्यमा के त्रतीय पर्वत तक जाए और उस पर शनि पर्वत के ऊपर वर्ग का चिन्ह बना हो तो यह धन हानि तथा अन्य दुर्घटनाओं से जातक की रक्षा करता है ।
  11. भाग्य रेखा को एक वर्ग शुक्र पर्वत की और स्पर्श करता हो तो घरेलू जिओवन में किसी दुर्घटना का खतरा बताता है । अगर यह वर्ग चन्द्र पर्वत की और से भाग्य रेखा को स्पर्श करता हो तो यात्रा में किसी खतरे का सूचक है ।
  12. कोई रेखा चन्द्र पर्वत से निकलकर भाग्य रेखा के समानान्तर चले तो जातक के जीवन पर किसी औरत अथवा विशिष्ट व्यक्ति का प्रभाव रहता है ।
  13. चन्द्र पर्वत से निकलने वाली रेखा, भाग्य रेखा से गहरी होकर भाग्य रेखा से स्पर्श करती है तो जातक की पत्नी जातक पर हुक्म चलती है ।
  14. चन्द्र पर्वत से कोई रेखा निकल क्र भाग्य रेखा को कटे तो यह मंगनी टूटने का संकेत है, तलक अथवा मियांबीबी में अनबन रहे, सही भविष्यवाणी के लिए हाथ में अज्ञ संकेत देखने होंगे ।
  15. चन्द्र पर्वत से निकल कर कोई रेखा भाग्य रेखा भाग्य रेखा भाग्य रेखा तक जाए मगर भाग्य रेखा को स्पर्श न डरे तो प्रेमी अथवा प्रेमिका से शादी नहीं होगी ।
  16. चन्द्र पर्वत से निकल कर भाग्य रेखा से निकलने वाली रेखा को कोई एनी रेखा शुक्र पर्वत से निकल कर कटती हो तो व्यक्ति का परिवार उसकी शाली का विरोध करता है ज्जहाँ लकड़ी व्यक्ति की पसंद की हो ।
  17. चन्द्र पर्वत से निकलकर भाग्य रेखा से मिलने वाली रेखा से एक शाखा सूर्य पर्वत तक जाए तो जातक की शाली के परिणाम स्वरूप जातक को प्रसिद्धि और धन संपत्ति प्राप्त होती है ।

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