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Vastu direction for house

Vastu direction for house

घर के वास्तुशास्त्र: अहम अनुदेश आपके घर का वास्तुशास्त्र आपके जीवन को सुखद और समृद्धि पूर्ण बना सकता है। नीचे दिए गए हेडिंग्स के तहत हमने विभिन्न कमरों और स्थानों के लिए वास्तु टिप्स दी हैं: वास्तुशास्त्र के माध्यम से आप अपने घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं और जीवन को बेहतर बना…

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Vastu Guidelines

Vastu Guidelines

आदर्श मकान एक सपनों का घर होता है जो किसी की आवश्यकताओं और स्वप्नों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया होता है। इसमें व्यक्ति की आवश्यकताओं, रुचियों और आराम के स्तर के आधार पर बनाया जाता है। एक आदर्श मकान आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा, साफ-सुथराई और आकर्षक डिज़ाइन के साथ होता है। यह घर…

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Ashta Lakshmi Puja

Ashta Lakshmi Puja

अष्टलक्ष्मी पूजा एक प्रमुख हिन्दू पूजा है जो लक्ष्मी माता के आठ स्वरूपों को पूजते हैं, जो धन, सौभाग्य, समृद्धि, संपत्ति और सफलता के प्रतीक हैं। यहाँ पर अष्टलक्ष्मी पूजा की विधि, मंत्र, वस्त्र, माला, दिशा, और आसन के बारे में जानकारी दी जा रही है: अष्टलक्ष्मी पूजा विधि: वस्त्र, माला, दिशा, और आसन: यहीं…

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Dream Analysis

Dream Analysis

अ, आ  अंक देखना – शुभ एवं विजय का प्रतीक , अंकों से बनी संख्या देखना – भाग्य विधायक प्रतीक , आँगन देखना (अपने घर का ) – अशुभ सूचक , आँगन ( दुसरे के घर का ) – शुभ सूचक, अंगभंग देखना ( स्वयं का ) – शीघ्र ही अनुकूल एवं शुभ समाचार प्राप्ति…

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Gemstones

नवरत्न (Nine Gems) एक प्रसिद्ध हिन्दी शास्त्रीय उपाय है जो ज्योतिष शास्त्र में प्रयुक्त होता है। नवरत्न नौ प्रमुख रत्नों का संयोजन होता है, जिन्हें निम्नलिखित होते हैं: माणिक्य (Ruby), पन्ना (Emerald), मोती (Pearl), मनिक्य (Coral), पुखराज (Yellow Sapphire), गोमेद (Hessonite), नीलम (Blue Sapphire), कटिला (Cat’s Eye), दियमंड (Diamond)। नवरत्न के फायदे निम्नलिखित हो सकते…

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Choosing the Right Rudraksha

रुद्राक्ष धारण करने का विशेष तंत्र और विधि होती है, जो धारण करने वाले के आध्यात्मिक और शारीरिक स्थिति के आधार पर निर्धारित होती है। रुद्राक्ष एक प्रकार के बीजों से बने माला होती है और इसका विभिन्न प्रकार के महत्व और उपयोग होते हैं। आमतौर पर, रुद्राक्ष की माला १ मुखी से २१ मुखी…

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Home Temple Direction

दिशा:- ईशान एक विदिशा है अर्थात दो दिशाओं ( उत्तर- पूर्व ) से निर्मित कोण है । यह चारों कोनों में सर्वाधिक पवित्र है; अतेव इसे आराधना, साधना, विद्यार्जन, लेखन एवं साहित्यिक गतिविधियों हेतु शुभ माना गया है । यह कोण मनुष्य को बुद्धि, ज्ञान, विवेक, धैर्य तथा साहस प्रदान करके सभी कष्टों से मुक्ति…

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Eligibility for Donation

आमतौर पर सभी धर्मों में दान देने की प्रथा वर्षों से चली आई है । गृह मनुष्य के जीवन पर शुभ-अशुभ प्रभाव डालते हैं, यह बात विवाद के परे है । ग्रहों को अनुकूल करने के लिए स्नान, पूजा, जाप और दान ये चार मुख्य उपाय हैं । लाल किताब का सम्पूर्ण आधार उपाय और…

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इच्छानुसार संतान कैसे प्राप्त करें ?

।। इच्छानुसार सन्तान ।। ऋतु से चोथे दिन से लेकर सोलहवें दिन तब गर्भधारण का समय है । शंखवली और गोदुग्ध पान कर स्वामी के वाम पाशर्व में शयनं कर स्वामी से पुत्र की कामना प्रकट करनी चाहिए । सूर्यंनाडी और चन्द्रनाडी को एकत्र कर गर्भाधान करने से पुत्र उत्पन्न होता है । सूर्य चन्द्र…

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