Woman body marks

(सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार)

विशेष तथ्य ( स्त्रियों के लिए )

  1. लम्बी और काली पुतली लिए जिस स्त्री की आँख हो, वह श्रेष्ठ होती है । आँख की पुतली में सफ़ेद फुली अच्छी नहीं होती ।
  2. छोटे-छोटे और काले बालों वाली पलक, जिस स्त्री के हों वह सौभाग्य-शाली होती है । पलक-स्त्री या पुरुष सबकी आँखों की शोभा होते है ।
  3. हिरन के सामान नैनों वाली स्त्री शुभ लक्षण वाली मानी गई है । इसे म्रगनयनी भी कहते हैं ।
  4. गोल या बिल्ली की तरह भूरी आँखें रखने वाली स्त्री कुटिल होती है ।
  5. जिस स्त्री की दोनों आँखें पीली हों वह कामातुर होती है ।
  6. जिस स्त्री के दोनों नेत्र लाली लिए हों, वह पर-पुरुष के साथ विचरण करने वाली व् दुश्चरित्र वाली चंचल स्त्री होती है ।
  7. जिस सती के नेत्र जल से भरे हुए होते हों, वे शुभ कहलाते हैं । इसे सजला नारी कहते हैं ।
  8. जो सती देखते समय आँख फाड़ती हो वह कुटिल स्वाभाव की होती है ।
  9. पुरुष के समान आँख वाली या धंसे हुए नेत्र वाली स्त्री चंचला होती है ।
  10. जो स्त्री बात करते समय बांयी आँख दबाती हो, वह व्यभिचारिणी होती है ।
  11. जिस नारी के पाँव में गर्म पसीना न आये व् चरण कोमल हों तो वह स्त्री, उत्तम कोटि की भी मानी गई है ।
  12. जो बात करते समय दाहिनी आँख दबाती हो, वह कम संतान वाली होती है ।
  13. कमानीदार भोंह रखने वाली स्त्री शुभ मानी गई है ।
  14. खुरदरे बालों वाली भौंहें अशुभ होती हैं । भोंह हीन नारी कुटिल व् निर्धन होती है ।
  15. जिन स्त्रियों की भोंह न हों, वे निर्धन, कुटिल व् कुचाल मानी जाती हैं ।
  16. जिनकी भोंहें मोटी हों, वे पर पुरुष में रत रहती हैं । रसिक मजाक होती हैं ।
  17. जिस स्त्री के भोंहों के बाल बड़े-बड़े हों, वह संतान-हीन बंध्या होती हैं ।
  18. जिस स्त्री के बायें गाल पर मस्सा या तिल होता हो, वह स्त्री श्रेष्ठ कही गयी है । उसके बायें नितम्ब पर भी एसा ही तिल या मस्सा होता है ।
  19. कंठ पर टिल हो तो उसके पहला पुत्र होता है । गहने भी मिला करते हैं ।
  20. जिसके नख (nails) सुन्दर हों वह दयालु होती है । कटे-फटे नाख़ून दरिद्री के होते हैं ।
  21. जिसके नेत्र लम्बे चौड़े हों तथा चौड़ी छाती एवं पतली कमर हो वह समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करती है ।
  22. जिस स्त्री की लम्बी और पतली उँगलियाँ हों वह दीर्घआयु होती है । मोटी-मोटी उँगलियों वाली अभागिन मानी गयी है ।
  23. जिस स्त्री के गले में तीन रेखाएं दिखाई दें, वह एश्वर्य-शालिनी व् भाग्यवान होती है ।
  24. जिस स्त्री के होंठ लम्बे-लम्बे और मोटे हों, वह पति को धोखा देने वाली चंचला, पर पुरुष ले रमन करने वाली दुश्चरित्रा होती है ।
  25. जिस स्त्री के नख तथा होंठ कालापन लिए हुए हों उसका चरित्र उज्जवल नहीं होता । साथ ही उसे जहर यानि इन्फेक्शन की बीमारी होती है ।
  26. सोते समय जिस स्त्री के मुंह से लार सी टपकती हो, वह कुलटा होती है ।
  27. जिस स्त्री के हंसते समय गालों में गड्ढे पड़ते हों और नेत्र घूमते हों वह व्यभिचारिणी होती है । हमेशा वह पर-पुरुष की कामना किया करती हैं ।
  28. बहुत छोटे मुँह वाली स्त्री पति को धोखा देती हैं । वह वफादार नहीं होती ।
  29. बहुत लम्बे मुँह वाली स्त्री निर्धन होती हैं ।
  30. जो स्त्री सोते समय दांत पीसती हों वह लक्ष्मीहीन होती हैं ।
  31. जिस स्त्री के नेत्र छोटे हों, वह शुभ-लक्षण वाली नहीं मानी जाती ।
  32. जिस स्त्री का सर समान तथा गोल हो, वह दीर्घायु होती है ।
  33. जिस स्त्री के ललाट में चार रेखाएं होती हैं, वह सौभाग्यशाली नारी होती हैं । एसी नारी की आयु चौरासी वर्ष से एक सौ वर्ष तक होती है ।
  34. जिस स्त्री के ललाट में तीन रेखाएं हों, वह दीर्घायु होती है । सत्तर (70) वर्ष से कम नहीं होती ।
  35. एक रेखा वाली स्त्री शुभ नहीं कहलाती, यदि हाथ में सूर्य व् चन्द्र रेखा शुभ हों तो शुभ बने ।
  36. जिन स्त्रियों के तलवे चिकने, कोमल तथा एक सामान हों, वे सुख उठती हैं ।
  37. रूखे और कठोर तलवे वाली स्त्री दुर्भाग्यशाली व् निर्धन होती है ।
  38. जिन स्त्रियों के चलते समय थप-थप की आवाज आती है वह मुर्ख व विधवा होती है । चलते समय धूल उडाने वाली भी मुर्ख-उजड्ड होती है ।
  39. जिनके पैरों में शंख, कमल, ध्वजा या मछली का चिन्ह हो, वे करोडपति से शादी करती हैं । कभी-कभी मन्त्री, विधायक या उच्च पदाधिकारी भी बनती हैं ।
  40. जिस स्त्री के चरण में पूरी उर्ध्व रेखा हो वह अखंड भोग उठाती हैं और सुखी रहती हैं ।
  41. जिस स्त्री के पैर का अंगूठा मांसल तथा गोल हो तो वह भोग कारक तथा अंगूठे में त्रिशूल का चिन्ह होने पर किसी राजा या उच्च पदाधिकारी की पत्नी बनती है ।
  42. जिस स्त्री के पैर का अंगूठा चपटा और टेढ़ा-मेढ़ा हो तो सौभाग्य का नाश करता है ।
  43. जिस स्त्री के पैर का अंगूठा लम्बा होता है वह दुर्भाग्यशाली होती है ।
  44. जिस स्त्री के पैर की उँगलियाँ कोमल तथा जुडी हुई हों तो वे शुभ फल प्राप्त करने वाली होती हैं । अंगुली पर अंगुली का चढ़ना अशुभ व विधवा बनाता है ।
  45. जिस स्त्री के पैर की उँगलियाँ लम्बी होती हैं, वह दुराचारिणी होती है ।
  46. यदि जिस स्त्री की पैर की उँगलियाँ पतली होती हैं तो वे धनहीन होती हैं ।
  47. जिन स्त्रियों की उँगलियां टेढ़ी होती हैं वे स्त्री कुटिल होती हैं ।
  48. जिस स्त्री के दोनों बगलों में पसली में, पेट के पास बाल (रोम) तथा स्तन के पयोधर काले, ब्राउन भाग पर बाल (रोम) हो व् नीचे का होंठ मोटा दलदार सा लगे तो वह स्त्री शीघ्र विधवा हो जाती है । इसमें कोई संदेह नहीं है ।
  49. बिल्ली के सामान गोल नेत्र, केशों का रंग लाल हो तो उसका पति अवश्य मरता है तथा वह जन्म से म्रत्यु तक अनेक प्रकार के कष्ट भोगता है ।
  50. चपटी उँगलियों वाली स्त्री नौकर के सामान जीवन व्यतीत करने वाली होती है । ससुराल के घर भी इससे नौकरों के समान ही काम लिया जाता है ।
  1.  यदि पैर की उंगलियों के बीच में दूरी हो तो वह दरिद्र होती है ।
  2.  जिस स्त्री के चलते समय धूल उडती हो, वह व्यभिचारिणी होती है । बदनाम व् विधवा हुआ करती है।
  3.  चलते समय जिस स्त्री की सबसे छोटी ऊँगली भूमि का स्पर्श न करती हो वह निश्चय ही पर-पुरुष से रत रहती है ।  अंगूठे के साथ वाली अंगुली स्पर्श न करने से वह विधवा होती है ।
  4.  जिस स्त्री की दो उँगलियाँ प्रथ्वी को स्पर्श नहीं करती वह पति को धोखा देती है ।  वह कभी भी वफादार पत्नी नहीं बन सकती ।
  5.  अगर अंगूठा व् अनामिका प्रथ्वी पर न टिके तो वह विधवा व व्यभिचारिणी होती है ।  
  6.  यदि पैर का ऊपर का हिस्सा चिकना, कोमल और मांसल होता है तो, वह सौभाग्यशाली होती है । खुरदरापन, निर्धनता व परेशानी प्रदान करता है ।
  7.  यदि स्त्री के टखने गोलाकार हो, तो शुभ होते हैं ।  कपोल-गालों पर कालापन, पर पुरुष का संग कराये ।  लम्बा ललाट होने पर, देवर का नाश करे ।
  8.  यदि ये टखने नीचे की ओर ढीले हों, तो दुर्भाग्य सूचक होते हैं ।
  9.  जिस स्त्री की एडी चौड़ी हो वह दुर्भाग्यशाली होती है । सपाट तलवा अशुभ होता है ।
  10.  जिस स्त्री की जंघाएँ रोमहीन, चिकनी तथा गोल हों, वह राज्य-लक्ष्मी के सामान सुख भोगती है, वह भाग्यशाली मानी जाती है ।
  11.  जिस स्त्री के दोनों घुटने गोल और मांस युक्त हों वह धनवान होती है ।  स्तनों का कालापन व् बड़ा पेट हो तो ससुर को मरने वाली होती है ।  
  12.  जिस स्त्री की पिंडलियाँ हाथी की सूड के सामान हों वह श्रेष्ठ होती है ।  मूंछे (वाल) होने पर माता-पिता ससुराल को कष्ट पहुंचाए ।
  13.  बड़े-बड़े रोम वाली पिंडली, जिस स्त्री के हों वह शीघ्र ही विधवा होती है ।
  14.  सारे शारीर पर बड़े-बड़े रोम (बाल) हों तो वह हट-भाग्या होती है ।
  15.  जिसकी पिंडलियाँ चपटी होती हैं, वह भाग्यहीन होती है । ऊपर का होंठ मोटा, रूखे बाल वाली स्त्री कलह कारिणी होती है ।
  16.  जिनकी पिंडलियों का चरम कठोर हो, वे धनहीन होती है ।
  17.  जिस स्त्री की कमर चौबीस अंगुल की हो, वह श्रेष्ठ होती है ।
  18.  लम्बी तथा चपटी कमर वाली स्त्री संकट देने वाली होती है ।
  19.  रोमयुक्त कमर वाली स्त्री विधवा होती है ।  स्तनों पर रोम भी अशुभ होते हैं ।
  20.  जिस स्त्री के नितम्ब चौड़े हों, वह भोगी तथा कामी होती है ।  परन्तु दुश्चरित्र नहीं ।  
  21.  यदि नितम्ब गोल कोमल तथा मांसल हों वह शुभ कहा जाता है ।
  22.  जिस स्त्री की नाभि गहरी तथा रेखाओं से युक्त हो वह संपत्ति देने वाली होती है ।
  23.  टेंटुये सी, ऊँची नाभि वाली स्त्री जिद्दी होती है ।
  24.  जिसकी नाभि ऊँची तथा मध्य भाग स्पष्ट दिखता हो, एसी स्त्री अशुभकारिणी होती है । बीमारी के कारण ऊँची नाभि अशुभ नहीं मानी जाती है ।
  25.  जिस स्त्री की पसलियाँ कोमल और मांसल होती हैं, वह सभी सुख उठाने वाली मान-सम्मान वाली, भाग्यवान स्त्री मानी जाती है ।
  26.  जिस स्त्री की पसलियों पर रोम हों, वह बुरे स्वाभाव वाली होती है ।
  27.  जिस स्त्री के केशों के ऊपर रोम के अगले भाग में कपिल, या पीलापन नजर आवे वह स्त्री राजकुल में भी जन्म ले ले तो भी, जैसे भोग-उपभोग कर होगा, रानी या राजकुमारी जैसा नहीं ।
  28.  जिस स्त्री के पैर की सबसे छोटी अंगुली व् उसके पास की अनामिका प्रथ्वी से न छुए तथा अंगूठे के पास वाली तर्जनी अंगुली ऊपर को चढ़ी हुई हो तो वह स्त्री कुलटा व् पर-पुरुष ले प्रेम करने वाली होती है ।
  29.  जिस स्त्री का पेट छोटा तथा कोमल त्वचा वाला हो, वह श्रेष्ठ होती है ।
  30.  घड़े के समान पेट वाली स्त्री दरिद्री होती है ।  मोटी, रोम युक्त जंघा वाली स्त्री का भी यही फल है ।
  31.  यदि पेट बहुत चौड़ा हो तो वह दुर्भाग्यशाली होती है ।  नाभि बायीं ओर व् छोटी, गर्दन छोटी, योनि बड़ी हो तो वंश न चले ।
  32.  लम्बे पेट वाली स्त्री, ससुर या जेठ का नाश करती है । अशुभ मानी जाती है ।
  33.  जिसके पेट पर तीन बल या तीन रेखाएं पड़ती हों, वह भाग्यवान होती है । एक या दो रेखाओं वाली माध्यम सुख वाली होती है ।
  34.  जिसके रोम सीधे और पतले हों, वह सुख उठाने वाली होती है ।
  35.  जिसकी रोम पंक्ति टेढ़ी-मेढ़ी हो वह विधवा होती है ।
  36.  जिसका सीना बिना रोम का हो वह अपने पति की प्रिय होती है ।
  37.  जिसका सीना विस्तृत हो वह निर्दयी व कठोर दिल की होती है ।
  38.  अठारह अंगुल चौड़ा सीना शुभ माना गया है । इसके कम वाली कम सुख पाया करती हैं ।
  39.  यदि स्तन कठोर-गोल तथा दृढ हों तो वे शुभ हैं । मोटे कपोल लाल-लाल हैं तो क्लेश करने वाली हो ।
  40.  यदि स्तन मोटे तथा सूखे हुए हों तो वे दुःख देने वाली होती हैं । स्तनों पर रोम अशुभ मने गए हैं ।
  41.  यदि स्त्री का दाहिना स्तन ऊँचा हो, तो सौभाग्यशाली होती है ।
  42.  जिस स्त्री के दोनों स्तन दबे हुए हों वह कुलटा होती है । छोटे स्तनों पर रोम (बाल) सन्तान हिन् बनाते हैं ।
  43.  जिस स्टे के स्तनों के अगर भाग काले तथा गोल हों वह शुभ माना गया है ।
  44.  त्रिकोणात्मक स्तन-घुन्डियाँ पुत्र संतान से वंचित करती है ।
  45.  जिस स्त्री की हंसुली मोती हो वह एश्वर्य भोगी होती है ।
  46.  जिसकी हंसुली ढीली-ढली हो वह दरिद्री होती है ।
  47.  यदि स्त्री के कंधे झुके हुए न हों तो शुभ है । झुके होने पर अशुभ होते हैं ।
  48.  यदि स्त्री के कंधे टेढ़े, मोटे और बाल युक्त हों वह विधवा होती है ।
  49.  यदि कंधे आगे को झुके हुए और मजबूत हों तो वह आनंद उठती है ।
  50. यदि उसकी भुजाएँ कोमल तथा सीधी और रोम रहित हों तो यह शुभ लक्षण मन गया है । घुटनों तक लम्बी भुजायें महान स्त्री पुरुष की होती है ।
  51. यदि भुजाएँ बालों ले भरी हुई हों तो यह विधवा की निशानी है ।
  52. जिन स्त्रियों की भुजाएँ छोटी हों वे दुःख उठती है । दांत के निचे मांस ऊँचा हो वह चोरनी होगी ।
  53. यदि हथेली लाल तथा छिद्र रहित हो तो वह सौभाग्यशालिनी होती है ।
  54. यदि हथेली बहुत-सी नसों वाली या बहुत अधिक रेखाओं वाली हो तो दरिद्री होती है । ब्रहम-जाल-सा उसे दुनिया की जंजाल में फंसाए रखता है ।
  55. यदि नख लाल और उभरे हों तो शुभ फल प्रदान करते हैं ।
  56. पीले नख (नाख़ून) दरिद्रता के सूचक हैं । पित्त रोग के भी सूचक हैं ।
  57. नखों पर सफेद बिंदु कुलटा का संकेत करते हैं । अशांति प्रदान करते है ।
  58. जिसकी पीठ झुकी हुई हो तो वह दुखज उठानी वाली होती है । कर्ज से भी इनकी पीठ टुटा करती है । अतः अशुभता की निशानी है ।
  59. बहुत बड़े-बड़े किबाडवा दहेली जैसे दांतों या विवाह ही न हो पोये वाली पति की म्रत्यु देखे ।
  60. जिस स्त्री की पीठ में बहुत अधिक बाल हों तो वह विधवा होती है ।
  61. सीधी द्रष्टि वाली स्त्री पुण्यवान होती है । कोवे या गिद्द के सामान हाथों वाली पति हीन रहे ।
  62. जिस स्त्री की द्रष्टि नीचे की ओर झुकी हो वह अपराधिनी व्रत्ति की होती है । नीची गर्दन भी यही अपराधी वृत्ति बताती है ।
  63. यदि दौनों आँखें अधिक निकट हों तो वह स्त्री धोखा देने वाली होती है ।
  64. दोनों कान छोटे-बड़े व् दन्त भी छोटे-बड़े हों तो सुख देने वाली नारी होती है ।
  65. जिसकी आँखें बहुत दूर हों तो वह मूर्ख होती है । हाथ-पांव में बड़ी-बड़ी नाड़ियाँ दिखें तो दरिद्री, पापिन, धनहीन क्लेश करे ।
  66. यदि ललाट में टिल हो तो वह जीवन भर आनंद उठती है ।
  67. यदि मस्तक के बाल घूमकर मुंह पर आ जाए तो उत्तम नारी होती है ।
  68. यदि ह्रदय पर टिल हो तो वह सौभाग्यदायक होता है ।
  69. जिस स्त्री के दाहिने स्तन पर टिल हो तो वह अधिक कन्यायें पैदा करने वाली होती है । पुत्र संतान कम पायी जाती है ।
  70. यदि बायीं कुच पर लाल टिल हो तो वह विधवा होती है ।
  71. जिसकी नाक के अग्र भाग में लाल टिल हो वह पति की प्रिय होती है ।
  72. जिसकी नाक के आगे के भाग में काला तिल हो, वह सौभाग्यशाली होती है ।
  73. जिसकी नाभि के नीचे तिल हो वह शुभ है ।
  74. जिसके बांये हाथ में मुठ्ठी के अन्दर तिल हो, वह सौभाग्यशाली होती है ।
  75. जिसके गाल, होंठ, हाथ-कान या गले पर तिल हो तो वह, जीवन भर सुख पति है । गहने-मकान, भौतिक बस्तुएं सभी मिला करती हैं।
  76. जिस स्त्री के स्तनों की काली / ब्राउन घुन्डियाँ विवाह से पहले ही अन्दर को धंसी पाई जाएँ, वह स्त्री कुवारी ही मन बन कर बच्चे को जन्म देती है या गर्भ गिरा चुकी है, एसा समझें ।

 अब इससे आगे हम, हाथ की अँगुलियों व अंगूठे पर संक्षिप्त रूप में विचार करेंगे । अंगूठे के लिए एक विस्त्रत अध्याय रखा गया है, अतः अंगूठे के प्रकार, चिन्ह व् फलाफल उसी अध्याय में रखें ।

शेष अगले पोस्ट में …