वास्तु टिप्स

 

वास्तु शास्त्र का करे पालन घर में होगी पैसों की वर्षा

संस्कृत में कहा गया है कि गृहस्थस्य क्रियास्सर्वा न सिद्धयन्ति गृहं विना. वास्तु शास्त्र घर, प्रासाद, भवन और मंदिर निर्माण करने का प्राचीन भारतीय विज्ञान है. जिसे आधुनिक समय के विज्ञान आर्किटेक्चर का प्राचीन स्वरुप माना जा सकता है.

वास्तु शास्त्र आपके आस-पास की महान परिशोध है. यह आपके जीवन को प्रभावित करता है. वास्तु का शाब्दिक अर्थ निवास स्थान होता है. इसके सिद्धांत वातावरण में जल, पृथ्वी, वायु, अग्नि और आकाश तत्वों के बीच एक सामंजस्य स्थापित करने में मदद करते हैं. यह कहा जा सकता है कि यह एक बहुत सदियों पुराना रहस्यवादी नियोजन का विज्ञान, चित्र नमूना एवं अंत निर्माण है.

 

घर के प्रवेश द्वार पर रखे इन चीजों को होगी दिन दुगनी, रात चौगुनी तरक्की

घर या ऑफिस के प्रवेश द्वार पर पानी से भरा कांच का बर्तन रखें. इसके साथ इस बर्तन में ताजे खुशबू वाले फूल भी रखे. ऐसा करने से घर में सकारात्मकता और खुशहाली का माहौल बना रहेगा.

माला

पीपल, आम या अशोक के पत्तों की एक माला बनाएं. इस माला को घर के प्रवेश द्वार पर बांधें. इससे नकारात्मकता दूर होगी और समृधि आएगी. वहीं जब यह पत्ते सुख जाए तो माला बदल देनी चाहिए.

लक्ष्मी जी के पैर

घर या ऑफिस के प्रवेश द्वार और लक्ष्मी जी के पैर लागए जो कि अंदर की तरफ जा रहे हों.

नामक के पानी से पोछा

हफ्ते में एक नामक के पानी से घर को  साफ करना चाहिए ऐसा करने से नकारत्मकता दूर होती है.

रसोईघर में इस तरह से रखना चाहिए सामान

  • रसोईघर में खाना बनाते समय महिलाओं का मुहं पूर्व दिशा में रहना चाहिए. इससे इनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है. रसोईघर में पानी और आग साथ-साथ नहीं होना चाहिए. ऐसा होने से घर लोगों को कई तरह की बीमारी लग सकती हो. लोगों के व्यवहार में भी परिवर्तन आने लगते हैं.
  • फ्रिज को कभी भी रसोईघर के उत्तर पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से आपके घर की शांति भंग हो सकती है.
  • रसोईघर में पूजा स्थान या मंदिर कभी नहीं बनना चाहिए. रसोईघर में पूजा करने से अध्यात्मिक, आत्मिक और मानसिक चेतना का विकास नहीं हो पाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोईघर  में पूजा स्थान होने से भगवान नाराज हो जाते हैं.