satyanarayan bhagwan ji

Aarti satynarayan bhagwan ki

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन-पातक-हरणा ।। जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्न जडित सिंहासन, अद्भुत छवि राजे । नारद करत निरंतर घंटा ध्वनि बाजे ।। जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । प्रकट भये कलिकारन, द्विज को दरश दियो । बूढों ब्राह्मण बनकर, कंचन महल Read more about Aarti satynarayan bhagwan ki[…]