अशुभ गृह होने पर उसके लक्ष्ण

जब कोई गृह अशुभ होता है तो उसके फल के संकेत तथा लक्ष्ण जातक के जीवन में पाए जाते हैं । इन लक्षणों के अध्ययन से फ़िलहाल कौन गृह अशुभ फल दे रहा है , इसकी जानकारी प्राप्त होती है । ऐसे अशुभ गृह के कुप्रभाव से बचने के लिए कौन-सा उपाय कारगर हो सकता है, इसकी जानकारी यहीं दी जा रही है ।

सूर्य :- सूर्य अशुभ होने पर शारीर अकड़ जाता है । मुह में बार-बार थूक आता है । घर में लाल रंग की गे या भूरी भैस हो तो वह मर जाती है ।

चन्द्र :- चन्द्र अशुभ होने पर घर के दुधारू पशु या घोड़े की मौत होती है । घर के नल, तलब सूख जाते हैं । किसी भी बात का अनुभव करने की शक्ति का नाश हो जाता है । ऊँचा सुनाई देता है । द्रष्टि कमजोर हो जाती है । स्वाद एवं सुगंध को परखने की शक्ति कम हो जाती है ।

मंगल :- मंगल अशुभ होने पर सन्तान जन्म लेकर मर जाती है । अंधत्व आता है, आँखें कलि पड़ जाती हैं । शारीर शिथिल हो जाता है । शक्ति होते हुए भी सन्तान नहीं होती । शारीर में रक्त की कमी हो जाती है । क्रोध बढ़ता है । बात-बात में लड़ाई-झगडे होते हैं ।

बुध :- बुध अशुभ होने पर दन्त अधिक टूटते हैं । स्त्री समागम की शक्ति क्षीण हो जाती है , सूघने की क्षमता कम होती है ।

ब्रहस्पति :- ब्रहस्पति अशुभ होने पर सिर के बाल झड जाती हैं । गले में खराबी रहती है । सोने की चोरी होती है । बिना कारण शिक्षा में व्यवधान आता है । अपयश हाथ लगता है । अफवाहों का शिकार होना पड़ता है ।

शुक्र :- शुक्र अशुभ होने पर अद्रश्य कारणों से या बिना किसी रोग के कारण अंगूठा निष्क्रिय हो जाता है । चमड़ी में विकार उत्पन्न होते हैं । चर्मरोग व् स्वप्नदोष होता है ।

शनि :- शनि अशुभ होने पर माकन गिर जाता है । आग लगती है । भोंहों के बाल झड जाते हैं । आँखों की पलकें ख़राब हो जाती हैं । घर में भैंस हो तो वह मर जाती है ।

रहू :- रहू अशुभ होने पर घर में पीला हुए कुत्ते की मौंत हो जाती है या फिर वह खो जाता है । हाथ के नाख़ून काले पद जाते हैं । बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है । शत्रुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होती है ।

केतु :- केतु के अशुभ होने पर पैरों के नाख़ून काले हो जाते हैं , मूत्र संबंधी बीमारी उत्पन्न होती हैं । सन्तान को रोग , परेशानी होती है ।

Author: Good luck

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