What to do ? what not to do ? क्या करें ? क्या ना करें ?

क्या करें और क्या ना करें , यह सवाल सभी के मन में चलता रहता है । पूजा सभी करते है जैसी आती है वैसी सभी करते हैं । लेकिन कुछ को पूजा का फल मिल जाता है लेकिन कुछ परेसान के परेसान बने रहते हैं । तो इन बातों को ध्यान में रखते हुए पाठकों के लिए कुछ सही तरीके बताये जा रहे हैं । कृपया ध्यान पूर्वक पढ़ें ….।

जबकि सभी को पूजा करना आना चाहिए , लेकिन ना आते हुए भी सभी पूजा करते है और करते है चले जा रहे हैं , जबकि हमें यह भी पता नही होता है कि किस देवी-या-देवता की पूजा करनी चाहिए और किस देवी-या-देवता की पूजा नहीं करनी चाहिए ? यह एक सवाल बन कर रह गया है ।

तो आज हम जानेंगे की पूजा किसको किसकी करनी चाहिए और किसकी नहीं करनी चाहिए ?

12 राशी – स्वामी – देवी-देवता – दिन ( वार ) – वस्त्र –   

मेष राशि  – मंगल – हनुमान जी – मंगलवार – सिंदूरी

वृष राशि – शुक्र – देवी माँ – शुक्रवार – लाल

मिथुन राशी – बुध – गणेश जी – बुधवार – सफेद

कर्क राशि – चन्द्र –  देवी माँ – सोमवार – सफेद

सिंह राशी – सूर्य – शिव जी – सोमवार – सफेद

कन्या राशि – बुध – गणेश जी – बुधवार – सफेद

तुला राशि – शुक्र – देवी माँ – शुक्रवार – लाल

वृश्चिक राशि – मंगल – हनुमान जी – मंगलवार – सिंदूरी

धनु राशि – ब्रहस्पति – विष्णु जी – ब्रहस्पतिवार – पीला

मकर राशि – शनि – शनि देव – शनिवार – काला

कुम्भ राशि – शनि – शनि देव – शनिवार – काला

मीन राशि – ब्रहस्पति – विष्णु जी – ब्रहस्पतिवार – पीला

प्रत्येक राशि वाले व्यक्ति को इस चार्ट के हिसाब से पूजा करनी चाहिए , क्यूंकि सफलता सभी को चाहिए तो सभी को सही तरीके से पूजा करनी चाहिए ।

नोट :- जातक अपनी कुंडली के हिसाब से भी पूजा कर सकता है , जातक अपनी कुंडली के लग्न से पांचवे घर में बेठे हुए गृह या राशि को देख कर भी पूजा की जा सकती है ।

Author: Good luck

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